तमाशों के बताशे खाइए!

1948 से चल रही है घोटालों की 'गौरव' गाथा! 1951 आते-आते पं. नेहरू के पहले मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोप लग चुके थे, जिन्हें पार्टी और…

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तब बहुत बदल चुका होगा देश! – Copy

पन्द्रह अगस्त आ रहा है. लाल क़िले से अपने दूसरे भाषण के लिए नरेन्द्र मोदी तैयारी में जुटे हैं. मोदी बतायेंगे कि पिछले भाषण में जो- जो कहा था, वह…

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व्यापम बाहर नहीं, अन्दर है!

व्यापम इस बात का सबूत है कि भ्रष्टाचार ऊपर से ले कर नीचे तक कैसे सर्वव्यापी हो चुका है. यानी अब हालत यह है कि आप अपने डाक्टर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट,…

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तोते वही बोलें, जो संघ बुलवाये!

ख़तरा चालीस बरस पहले हुई 1975 की इमर्जेन्सी के फिर घटित होने का नहीं, बल्कि दूसरी 'चुप्पी-घुप्पी इमर्जेन्सी' का है, उस 'उदार लोकतंत्र' का है, जिसे मज़बूत बनाने में नरेन्द्र…

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‘ललितगेट’ : कैसी लकीर खीचेंगे नमो?

'ललितगेट' से ख़ैर नरेन्द्र मोदी परेशान तो होंगे ही कि उनकी सरकार की छवि धूमिल हुई. लोग ताने मार रहे हैं. वह 'मौन मोदी' क्यों हो गये? भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़…

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जिधर देखो, सब क्लीन ही क्लीन है!

पत्रकार जगेन्द्र सिंह की हत्या माफ़िया राजनीति का निर्लज्ज अट्टहास है! न से नेता! जिसे कुछ नहीं होता! नेता पर सीधे-सीधे हत्या का आरोप भी लगे, तब भी शान से…

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ऐप्प मोदी 2.2 को क्या अपडेट चाहिए?

मोदी 2.0 में हमने उस मोदी को देखा, जो मुख्यमंत्री की कुरसी छोड़ प्रधानमंत्री के सिंहासन का दावेदार था. जिसने अपने चुनाव-प्रचार में ख़्वाबों के ख़ूबसूरत सिलसिले सजाये और दूर…

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इस ‘ड्रमेटिक्स’ से आगे देखिए!

देश में बहुत कुछ हो रहा है. मोदी सरकार के एक साल पूरे होने वाले हैं. बड़ी तीखी बहस हो रही है इस पर. सरकार ने एक साल में क्या…

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एक चुनाव और क़िस्मत की दो चाबियाँ!

यह बीस चौदह का चुनाव है! ऐसा चुनाव जो शायद फिर कभी न आये! नमो के लिए भी और आरएसएस के लिए भी! अजीब बात है. एक चुनाव है, क़िस्मत…

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इस रास्ते हम कहाँ जाना चाहते हैं?

नगालैंड के बाद अब आगरा से वैसी ही दिल दहला देनेवाली एक ख़बर आयी है. आगरा शहर के बीचोबीच एक बस्ती में इसी हफ़्ते मुहल्लेवालों ने पीट-पीट कर एक नौजवान…

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