29/9 के बाद पाकिस्तान

जब तक भारत के रूप में पाकिस्तान के सामने एक 'दुश्मन' है, एक 'टारगेट' है और कश्मीर के रूप में जब तक उसके पास एक 'भारत-विरोधी एजेंडा' है, तभी तक…

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चुन लीजिए, आपको क्या चाहिए!

दादरी और कानपुर की घटनाओं ने बता दिया कि पिछले नब्बे साल से संघ देश की प्रयोगशाला में चुपके-चुपके और अथक जो प्रयोग कर रहा था, उसका रसायन अब बिलकुल तैयार…

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‘आप’ की झाड़ू, ‘आप’ पर!

आम आदमी पार्टी का बनना देश की राजनीति में एक अलग घटना थी. वह दूसरी पार्टियों की तरह नहीं बनी थी. बल्कि वह मौजूदा तमाम पार्टियों के बरअक्स एक अकेली…

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राजनीति का धर्म क्या है?

लोकतंत्र और धर्म एक-दूसरे की विरोधी अवधारणाएँ हैं! लोकतंत्र असहमतियों के बिना हो ही नहीं सकता और धर्म में असहमति होती नहीं, वह किन्तु-परन्तु विहीन आस्था से चलता है. जो…

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मुसलिम आबादी मिथ, भाग-दो!

बिहार के हिन्दुओं की जनसंख्या वृद्धि दर तमिलनाडु के हिन्दुओं के मुक़ाबले दुगुनी क्यों है? और केरल के मुसलमानों की जनसंख्या वृद्धि दर उत्तर प्रदेश के मुसलमानों के मुक़ाबले आधी…

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सूखा बड़ा कि आइपीएल?

देश का चालीस प्रतिशत भूभाग, दस राज्य और ढाई सौ से ज़्यादा ज़िले अगर सूखे की भयंकर चपेट में हैं और देश में इस पर कहीं कोई चिन्ता नहीं, चर्चा…

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परोसिए नहीं, अब कलछुल दीजिए!

दलित समाज भी और ख़ास कर दलित युवा इस बात को अब महसूस करने लगा है कि कलछुल से परोस कर दलितों को जो दिया जा रहा है, वह काफ़ी…

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काँग्रेस : बस ‘टीना’ में ही जीना!

दादरी और कानपुर की घटनाओं ने बता दिया कि पिछले नब्बे साल से संघ देश की प्रयोगशाला में चुपके-चुपके और अथक जो प्रयोग कर रहा था, उसका रसायन अब बिलकुल तैयार…

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काली खेती का गोरखधन्धा!

देश के सात-आठ लाख लोगों को दो साल में खेती से 26 करोड़ करोड़ रुपये की आमदनी कहाँ से हो गयी? जी, यहाँ करोड़ ग़लती से दो बार टाइप नहीं…

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ऐसे ही ‘टाइमपास’ होता रहे!

विजय माल्या कहाँ है? उनका ट्वीट कहता है कि वह जहाँ कहीं भी हैं, देश छोड़ कर भागे नहीं हैं. वह भगोड़े नहीं हैं, क़ानून का पालन करनेवाले सांसद हैं!…

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