‘भक्त’, ‘अभक्त’ और कन्हैया!

इक्कीस महीनों से इक्कीसवीं सदी के इस महाभारत का चक्रव्यूह रचा जा रहा था. अब जा कर युद्ध का बिगुल बजा. लेकिन चक्रव्यूह में इस बार अभिमन्यु नहीं, कन्हैया है.…

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ताकि रोज़ का यह टंटा ख़त्म हो!

दिल्ली में जेएनयू के मामले पर और हरियाणा में आरक्षण के मुद्दे पर जो कुछ हुआ, उसके संकेत एक बड़ी चेतावनी हैं. हरियाणा में चुन-चुन कर जैसे ग़ैर-जाटों को निशाना…

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किसकी जेब के आठ लाख करोड़?

सरकारी बैंकों के क़र्ज़ों का महाघोटाला कोई एक-दो लाख करोड़ का मामला नहीं है. क़रीब साढ़े आठ लाख करोड़ रुपये के क़र्ज़े ऐसे हैं, जिनकी वसूली की सम्भावना अब न…

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तब बहुत बदल चुका होगा देश! – Copy

14 अगस्त 2015 को आसिया अन्दराबी ने पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस मनाया और लश्कर-ए-तय्यबा के आतंकवादियों को फ़ोन पर सम्बोधित भी किया, तब तो ऐसा कोई हंगामा नहीं हुआ. आठ…

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पाकिस्तान : यह माजरा क्या है?

पठानकोट हमले के बाद पाकिस्तान ने जैश-ए-मुहम्मद के ख़िलाफ़ तेज़ी से शुरुआती कार्रवाई की है. पाकिस्तान के रुख़ में यह आश्चर्यजनक बदलाव पहली बार देखा जा रहा है. इसका मतलब…

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पाकिस्तान: एक अटका हुआ सवाल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अचानक लाहौर यात्रा वाक़ई उनकी एक बड़ी कूटनीतिक और तारीफ़ के क़ाबिल पहल है. लेकिन इतिहास बताता है कि भारत-पाक रिश्तों को भावनाओं की कोंपलों के…

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कितनी गाँठों के कितने अजगर?

हमने कुछ धारणाएँ बनायी हुईं हैं. कुछ मनगढ़न्त धारणाएँ! हम बनाम वह 'दूसरे' लोग! हम श्रेष्ठ, दूसरे निकृष्ट! हम मराठी, तो 'भइया' लोग घटिया! हम उत्तर भारतीय बढ़िया, लेकिन 'मद्रासी…

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धर्म-निरपेक्ष कि पंथ-निरपेक्ष?

कभी आपका ध्यान इस बात पर गया कि संघ परिवार के शब्दकोश में 'आदिवासी' शब्द क्यों नहीं होता? वह उन्हें 'वनवासी' क्यों कहते हैं? आदिवासियों को आदिवासी कहने में दिक़्क़त क्या…

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घेलुआ और 2019 के टोटके!

इस कालम के लिखे जाने के बाद ख़बर मिली कि राहुल गाँधी और अरुण शौरी ने भी प्रशान्त किशोर से अलग-अलग मुलाक़ातें कीं. ममता बनर्जी की तृणमूल काँग्रेस से प्रशान्त…

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उलटे चाँद के देश में!

क्या आज से तीस-चालीस साल पहले भी कोई चाँद को देखता और उसे लगता कि आज चाँद उलटा निकला है? क्या सौ साल पहले, दो सौ साल पहले, चार सौ…

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