विकास की बाँसुरी, फ़ासिस्ज़्म के तम्बू!
रोहित वेमुला की आत्महत्या एक निराश युवा की निजी त्रासदी नहीं है. उसकी आत्महत्या देश की त्रासदी है, जिस पर देश को चिन्तित होना चाहिए, देश को सोचना चाहिए कि…
रोहित वेमुला की आत्महत्या एक निराश युवा की निजी त्रासदी नहीं है. उसकी आत्महत्या देश की त्रासदी है, जिस पर देश को चिन्तित होना चाहिए, देश को सोचना चाहिए कि…
पैसे न होने की हताशा में पचास से ज़्यादा मौतें हो जाने का न सरकार को अफ़सोस है, न बीजेपी को. सरकार बता रही है कि जो हो रहा है, वह…
नोटबंदी, बेनामी सम्पत्ति या सोने की पकड़-धकड़ तो महज़ नुमाइशी कार्रवाइयाँ हैं, उससे धारदार विज्ञापन बनेंगे, जनता लट्टू हो जायेगी कि वाह सरकार क्या लाजवाब काम कर रही है, छोटे-छोटे…
नोट बदलने से काला धन ख़त्म हो जायेगा, यह नितान्त बेवक़ूफ़ी भरा विचार है. काला धन मतलब करेन्सी थोड़े ही है. करेन्सी का काम है लेन-देन करना. वह धन नहीं…
दादरी और कानपुर की घटनाओं ने बता दिया कि पिछले नब्बे साल से संघ देश की प्रयोगशाला में चुपके-चुपके और अथक जो प्रयोग कर रहा था, उसका रसायन अब बिलकुल तैयार…
शायद कम लोगों ने ध्यान दिया है कि विधि आयोग ने जो प्रशनावली जारी की है, उसमें एक सवाल यह भी है कि क्या यूनिफ़ार्म सिविल कोड वैकल्पिक होना चाहिए?…
"यह बात आज के मुसलिम युवाओं को जाननी चाहिए कि देश के साठ से ज़्यादा मुल्ला-मौलवियों ने क्यों सर सैयद अहमद ख़ान के ख़िलाफ़ फ़तवे जारी किये थे? क्यों उन्हें…
काले धन की निकासी की ताज़ा योजना पर सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन सच यह है कि यह योजना पूरी तरह फ़्लॉप रही. और यही योजना क्यों, बल्कि…
दादरी और कानपुर की घटनाओं ने बता दिया कि पिछले नब्बे साल से संघ देश की प्रयोगशाला में चुपके-चुपके और अथक जो प्रयोग कर रहा था, उसका रसायन अब बिलकुल तैयार…
और मीडिया पर क्या कहा जाये? उसे तो अमित शाह से 'देशभक्ति' का प्रमाणपत्र मिल ही चुका है! है न बड़ी उपलब्धि! इसके पहले करगिल युद्ध हुआ, उससे पहले 1971,…