सुविधा के अलग-अलग पैमाने!

इसके पहले चीनी सामानों के बहिष्कार का बड़ा 'राष्ट्रवादी' हल्ला था. लेकिन नोटबंदी के बाद 'राष्ट्रवादी सलाह' आने लगी कि 'पेटीएम' करो! पेटीएम में कितना चीनी पैसा लगा है, 'राष्ट्रहित'…

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राजनीति बतर्ज़ मुख़्तार अन्सारी

पार्टियाँ न दाग़ देखती हैं, न धब्बा, बस बाहुबल, धनबल, धर्म, जाति के समीकरणों की गोटियाँ बिठाती हैं. आपको हैरानी होगी जानकर कि अभी उत्तराखंड में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने…

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नोटबंदी, अखिलेश और केजरीवाल!

बीजेपी प्रफुल्लित है कि एक ओपिनियन पोल बता रहा है कि नोटबंदी के बाद उत्तर प्रदेश में बीजेपी को वोट देने की मंशा रखनेवाले वोटर तीन प्रतिशत बढ़ गये! अगर…

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कैलेंडर से हटना गाँधी का!

अब तो प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी कह दिया है कि नरेन्द्र मोदी युवा आइकन हैं, और खादी को लोकप्रिय बनाने के उनके प्रयासों के कारण ही खादी की बिक्री में…

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जंग तो जीत ही चुके हैं अखिलेश!

यह कॉलम समाजवादी पार्टी से अखिलेश के  निष्कासन के तुरन्त बाद लिखा गया था, इसे इसी सन्दर्भ में पढ़ें. राजनीति धारणाओं से चलती है. एक लाइन के इस सूत्र को 2014 में…

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नुस्ख़े राजनीति में नोटबंदी के!

राजनीतिक दलों का सारा लेन-देन चेक से या ऑनलाइन ही होना चाहिए. अगर किसी मजबूरी में वह कोई चन्दा नक़द लेते हैं या कहीं किसी को कोई नक़द भुगतान करते…

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कैसे सुलझे गुत्थी पाकिस्तान की?

जो सबसे आसान काम था, वही हमने अब तक नहीं किया. हमने पाकिस्तान को व्यापार के लिए 'एमएफ़एन' यानी 'मोस्ट फ़ेवर्ड नेशन' का दर्जा दे रखा है. इसे हमारी सरकार आसानी से…

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नोटबंदी क्या एक ‘अनाड़ी’ फ़ैसला था?

'लेस-कैश इकॉनॉमी' बनाने का काम पुरानी करेन्सी में नहीं हो सकता था क्या? बड़ी आसानी से हो सकता था. आप पुरानी करेन्सी के और नये नोट जारी ही न करते,…

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राजनीति का ‘भक्ति काल’

ममता बनर्जी, मायावती, नवीन पटनायक, नीतीश कुमार, लालूप्रसाद यादव, चन्द्रबाबू नायडू, उमर अब्दुल्ला, अरविन्द केजरीवाल को ज़रा एक मिनट के लिए दृश्य से हटा दें और फिर देखें कि इनकी…

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तेरा धन, न मेरा धन!

सरकार को उम्मीद है कि अगले डेढ़-दो वर्षों में वह बिना नक़दी की अर्थव्यवस्था के अपने अभियान को एक ऐसे मुक़ाम तक पहुँचा देगी, जहाँ से वोटरों को, ख़ास कर…

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