कुछ नहीं करना भी एक फ़ैसला है!

हिन्दू-मुसलमान तो आपस में कहीं भी झगड़ नहीं रहे हैं. बल्कि जो कुछ हो रहा है, वह ईसाइयों और मुसलमानों के ख़िलाफ़ आम हिन्दुओं का ध्रुवीकरण कराने के लिए संगठित…

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क्या होगा, जब आयेगी इंटरनेट की सुनामी?

इंटरनेट धीरे-धीरे युवाओं की अकेली ऐसी खिड़की बनता जा रहा है, जिसके ज़रिए वह दुनिया को, समाज को, अपने आसपास को देखते, जानते, समझते, पहचानते और जाँचते-परखते हैं. उनका पूरा…

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याक़ूब मेमन और एक सवाल!

इससे बड़ा मज़ाक़ क्या होगा? यहाँ दिल्ली में एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन सरकारें चलती हैं! एक प्रधानमंत्री की, एक मुख्यमंत्री की और एक नजीब जंग की! लेकिन अस्पतालों के कान…

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‘सिन्धु-साक्षी’ पॉवर से सुपरपॉवर!

दीपा करमाकर और साक्षी मलिक के परिवारों ने अपनी बेटियों की तैयारी के लिए ख़ुद अपना घर-बार सब कुछ दाँव पर न लगा दिया होता, तो उनकी कहानियाँ आज किसी…

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2014 का सबसे बड़ा सवाल, मुसलमान!

मुसलमानों का विकास ज़रूरी है, लेकिन उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है कि मुसलमानों के बारे में सही समझ विकसित हो. आज का मुसलमान किसी भी आम भारतीय की तरह भारतीय…

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इस गरमी पर एक छोटा-सा सवाल!

गरमी से अठारह सौ लोग मर चुके. हाहाकार मचा है.  अभी बरसात आयेगी. लोग फिर मरेंगे! फिर शीतलहर आयेगी और लोग फिर मरेंगे! हर मौसम में हमारे देश में लोग…

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युद्ध, आशाओं और आशंकाओं के बीच!

67 में जनता पहली बार निराश हुई थी और छह राज्यों से काँग्रेस साफ़ हो गयी थी! फिर 1977 और 1989 भी देखा, समझा और भुगता! ये सब बड़ी-बड़ी आशाओं…

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केजरीवाल, इंटरव्यू और सवाल

राजनीति कवर करते-करते पत्रकार ख़ुद राजनीति की टोपी पहनते रहे हैं. सुविधानुसार टोपियाँ बदलते भी रहे हैं. कुछ टोपी उतार कर फिर पत्रकार बने, फिर मौक़ा मिला, तो फिर पुरानी…

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अपने-अपने कुओं से बाहर निकलिए!

दिल्ली में उत्तर-पूर्व के लोगों के साथ एक के बाद एक लगातार हुए हादसे स्तब्धकारी हैं, शर्म की हद तक शर्मनाक हैं. हाल के कुछ दिनों में दिल्ली का नस्ली चेहरा…

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जागिए, मैगी ने झिंझोड़ कर जगाया है!

ब्राँडेड उत्पादों पर नियमों की कुल्हाड़ी चले, अच्छा भी है और ज़रूरी भी, लेकिन वह तो पूरे ख़तरे का एक बहुत छोटा-सा हिस्सा भर हैं. बड़ा ख़तरा तो उस हवा,…

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